अमृत टुडे, जगदलपुर, बस्तर संभाग छत्तीसगढ़
07 जून 2026। उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने जगदलपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन विभागों के अधिकारियों को कार्यों को शीघ्र और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
विवरण : उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारीयों को विलंब घटाने और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कलेक्टर आकाश छिकारा तथा पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा उपस्थित रहे।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में emphasis देते हुए कहा गया कि प्रत्येक परियोजना की समाप्ति तिथि विभागीय स्तर पर सुनिश्चित की गई है और उन तारीखों का पालन कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी व प्रशासनिक संसाधनों का पूर्ण उपयोग कर लंबित कार्यों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। परियोजनाओं के डीपीआर तैयार करते समय वन-अनुमति, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग तथा अतिक्रमण हटाने जैसी संभावित बाधाओं का पूर्वानुमान कर उनका समाधान समाहित करने के निर्देश दिए ताकि निष्पादन में अनावश्यक देरी न हो।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संदर्भ में कहा गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों और वार्ड पार्षदों के समन्वय से प्रेरित करके आवास निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए। स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा तथा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षा किट उपलब्ध कराए जाएंगे। शहर की नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया गया। साथ ही राजस्व वृद्धि और नए राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें समय पर पूरा करने का निर्देश रहा। ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-रखरखाव के लिए ग्रामीणों से मासिक जल कर नियमित रूप से वसूल करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया ताकि सिस्टम का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित हो सके। बरसात से पहले जल स्रोतों का क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

