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नाबालिक पीड़िता को बहला-फुसलाकर शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ महाराष्ट्र भगा ले जाकर बलात्कार करने वाले आरोपी को थानाछुरिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।


राजनांदगांव, 23 जून 2024

अमृत टुडे। मामले का विवरण इस प्रकार है प्रार्थी दिनांक 21.06.2024 को थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी नाबालिक भतीजी घर से बिना बताये कही चली गई जो घर वापस नहीं आयी है | शंका है कि कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना छुरिया में अपराध क्रमांक 153/2024 धारा 363 भादवि0 दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। विवेचना क्रम में दिनांक 2.06.2024 को साइबर सेल से तकनीकी जानकारी प्राप्त कर अपहृता के महाराष्ट्र क्षेत्र में होने की सूचना पर अपहृता की बरामदगी हेतु पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव मोहित गर्ग से निर्देश प्राप्त कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव राहुल देव शर्मा एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगढ़ आषीष कुंजाम के मार्गदर्षन में थाना प्रभारी छुरिया निरीक्षक अवनीश कुमार श्रीवास के नेतृत्व में पुलिस टीम रवाना होकर पकोरची महाराष्ट्र पहुंचकर पतासाजी किया |

पतासाजी के दौरान अपहृता आरोपी राजू भेडी पिता जमनुराम भेडी जाति कलार उम्र 20 साल साकिन कोचीनारा थाना कोरची जिला गढचिरौली (महाराष्ट्र) के साथ उसके घर में मिली जिसे पूछताछ अपहृता को गवाहों के समक्ष आरोपी राजू भेडी से बरामद कर बरामदगी पंचनामा तैयार किया गया। अपहृता को थाना छुरिया लाया गया अपहृता की महिला पुलिस अधिकारी से धारा 161 जा0फौ0 के अन्तर्गत कथन कराया गया, जिस पर अपहृता के कथनानुसार प्रकरण में धारा 366, 376, 376(2) (ढ) भादवि0, 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई है।

आरोपी राजू भेडी पिता जमनुराम भेडी उम्र 20 साल साकिन कोचीनारा थाना कोरची जिला गढचिरौली (महाराष्ट्र) से पुछताछ की गई जिस पर आरोपी द्वारा जुर्म कारित करना स्वीकार करने पर दिनांक 22.06.2024 के 14ः30 बजे विधिवत गिरफ्तार कर गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के परिजन को दिया जाकर मामला अजमानतीय होने से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपी का नाम- राजू भेडी पिता जमनुराम भेडी उम्र 20 साल साकिन कोचीनारा थाना कोरची जिला गढचिरौली (महाराष्ट्र)
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीष कुमार श्रीवास, आरक्षक 460 फुलेन्द्र राजपुत, आरक्षक 1683 अष्वन वर्मा, आरक्षक 1432 द्वारिका कलारी, आरक्षक 1546 सत्येन्द्र कुमार, आरक्षक 1569 भुनेष्वर वर्मा एवं म0आरक्षक 934 कुसुम एक्का का विषेष योगदान रहा।

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