अमृत टुडे/ रायपुर छत्तीसगढ़ : बस्तर में वर्तमान में ऑपरेशंस अभियान जारी हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को स्थापित करना है। इस अभियान के संदर्भ में, चरण दास महंत ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नक्सली अब आत्मसमर्पण कर रहे हैं और साथ ही कुछ नक्सली मारे भी गए हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निर्दोष लोग भी इस संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवा रहे हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक है।
महंत ने कहा कि हमें यह जानकर अच्छा लग रहा है कि बस्तर के आसपास की स्थिति अब शांत होने की ओर अग्रसर है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बस्तर को नक्सली मुक्त कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं और वहां स्थायी शांति लाई जाए। उनका मानना है कि बस्तर के लोगों को इस शांति का लाभ अवश्य मिलना चाहिए। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नक्सलियों को समाप्त करने के बाद बड़े-बड़े उद्योगपतियों को क्षेत्र में खनिज संसाधनों का ठेका दिया जाए, तो इससे स्थानीय समुदाय के हितों पर खतरा पैदा हो सकता है।
इसलिए, चरण दास महंत ने यह निवेदन किया कि जनहित और स्थानीय विकास को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बस्तर की शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके। उनके इस विचार का समर्थन करते हुए, उन्होंने कहा कि सभी समुदायों को एकजुट होकर इस दिशा में कार्य करना चाहिए ताकि बस्तर वास्तव में एक सुरक्षित और समृद्ध क्षेत्र बन सके।

चरण दास महंत
नेता प्रतिपक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
इस दौरान, जब पत्रकारों और मीडिया के सामने चरण दास महंत के उद्योग के संबंध में दिए गए हालिया बयान पर चर्चा हुई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारा प्राथमिक उद्देश्य पहले बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में उद्योग के विकास के विषय में कोई गंभीर विचार नहीं किया गया है।
हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि हम यह भी ध्यान रखें कि बस्तर में पहले से ही कई उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इसलिए, सरकार का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य बस्तर को शांत करना है, जिसके पश्चात हम इस क्षेत्र के विकास की ओर अग्रसर होंगे। यह प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बस्तर में शांति स्थापित किए बिना आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार संभव नहीं है।

विजय शर्मा,
गृहमंत्री,
छत्तीसगढ़ शासन
