• Thu. Jul 30th, 2026
Spread the love

भारत सरकार को भेजा गया बांस विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव

जिले में 40 हेक्टेयर में होगी बांस की खेती, 10 हजार बांस पौधों की नर्सरी हो रही तैयार

धमतरी 06 जुलाई 2025

अमृत टुडे ।  कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की  पहल पर जिले में बांस की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बांस की बढ़ती मांग को देखते हुए अब इसका व्यवस्थित उत्पादन और उपयोग सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत जिला प्रशासन द्वारा बांस विकास प्राधिकरण की स्थापना के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

कलेक्टर  मिश्रा ने कहा कि बांस बहुउपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक संसाधन है, जो न केवल ग्रामीणों को आय के स्रोत उपलब्ध कराता है, बल्कि मिट्टी कटाव रोकने, जल संरक्षण और कार्बन अवशोषण जैसे कार्यों में भी सहायक होता है। उन्होंने बताया कि वनों और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 40 हेक्टेयर भूमि पर बांस की खेती प्रारंभ की गई है। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में 10 हजार बांस पौधों की नर्सरी तैयार की जा रही है। कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि इस बांस का रोपण  विशेष रूप से डुबान क्षेत्र, सीतानदी उदंती, गंगरेल, नगरी और सिंगपुर क्षेत्र में किया जाएगा। जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति  कमार समुदाय को यह पौधे निःशुल्क दिए जा रहे हैं, ताकि वे बांस की वस्तुएं तैयार कर आय अर्जित कर सकें। वर्तमान में भी कई कमार परिवार पारंपरिक बांस शिल्प से जुड़कर जीविकोपार्जन कर रहे है।


मिश्रा ने कहा कि बांस की खेती एक बार लगाने पर वर्षों तक आय का स्रोत बनी रहती है। इसके उत्पादों की देश-विदेश में भारी मांग है। आज बांस केवल परंपरागत वस्तुओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे फर्नीचर, सजावटी वस्तुएं, लैंप, पेन स्टैंड, सूपा, झाड़ू, बर्तन, टूथब्रश, पानी की बोतलें और ज्वेलरी तक बनाई जा रही हैं। यह प्लास्टिक और स्टील का बेहतर विकल्प बनकर उभरा है।

Leave a Reply

You Missed