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अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़

19 जुलाई 2026 । स्कूल खुले दो महीने हो गए हैं, फिर भी शिक्षकों की कमी और पढ़ाई न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में लगभग 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। पिछले ढाई वर्ष में एक भी नए शिक्षक पद नहीं भरे गए। संविलियन के नाम पर कई शिक्षक पद समाप्त किए गए तथा 10,400 से अधिक विद्यालय बंद कर दिए गए।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार बनने के बाद शिक्षकों की भर्ती सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रही; वास्तविक कार्यवाही नहीं हुई। पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में 35,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, जिसे पूरा नहीं किया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2025 के बजट में 20,000 शिक्षक भरने का उल्लेख किया, वह भी पूरा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5,000 शिक्षक की तत्काल भर्ती का संकल्प लिया, फिर भी प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई और नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया।

हर महीने सैकड़ों शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन पिछले डेढ़ साल में एक भी पद पर नियमित नियुक्ति नहीं हुई। केवल रायपुर जिले में ही स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में ढाई सौ से अधिक पद रिक्त बताए गए हैं; नगर निगम के विद्यालयों में सहायक शिक्षक और व्याख्याता अस्थायी रूप से पढ़ा रहे हैं। पूरे प्रदेश के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं। स्थिति देखकर यह धारणा बनती है कि सरकार की नीतियाँ शिक्षा के पक्ष में नहीं हैं।
इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के न होने के साथ-साथ पुस्तकों की भी समय पर आपूर्ति नहीं हो पाई है। 12,560 से अधिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण हैं; बरसात में छतें टपकती हैं। पीने के साफ पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बालिकाएं स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर हो रही हैं। यह अत्यंत चिंताजनक और शर्मनाक है कि प्राथमिक विषय शिक्षा को पर्याप्त प्राथमिकता व संसाधन नहीं मिल रहे हैं।

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