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अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़

03 सितम्बर 2926 । रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। उन्होंने श्रव्य पुस्तक दल के सदस्यों को सम्मानित किया। दल का नाम स्वर्णिम विश्व अभिलेख में दर्ज हुआ है। शिक्षकों ने ग्यारह हजार से अधिक श्रव्य पुस्तकें तैयार करने का लक्ष्य लिया है।

विवरण : राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर स्थित लोक भवन में श्रव्य पुस्तक दल छत्तीसगढ़ के सदस्यों से भेंट की। उन्होंने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री तैयार करने और शिक्षा को सहज बनाने के प्रयासों की सराहना की। दल की उपलब्धि का नाम स्वर्णिम विश्व अभिलेख में दर्ज होने पर राज्यपाल ने सभी सदस्यों को बधाई दी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। दल द्वारा दृष्टिबाधित तथा सामान्य विद्यार्थियों के लिए ग्यारह हजार से अधिक श्रव्य पुस्तकें तैयार की जा रही हैं।

इस अभियान की शुरुआत पांच अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में हुई थी। शारदा अब तक एक हजार आठ सौ से अधिक श्रव्य पुस्तकें तैयार कर चुकी हैं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के तीस शिक्षक नियमित दायित्वों के साथ इस अभियान में योगदान दे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि श्रव्य अध्ययन सामग्री दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को समान अवसर और आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दल के श्रव्य माध्यम पर 107 से अधिक संचिकाएं उपलब्ध हैं।

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