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Amrit Today, Raipur Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के हथकरघा, हस्तशिल्प और परिधान उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए रायपुर में एक दिवसीय निर्यात संवर्धन और डिजाइन विकास कार्यशाला आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने निर्यात प्रक्रिया, लाइसेंस, ऋण गारंटी, सरकारी सहायता और आधुनिक डिजाइन की जानकारी दी। राज्य से होने वाले निर्यात को अगले तीन वर्षों में 47 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।

विवरण: रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित सम्मेलन भवन में आयोजित कार्यशाला में बुनकरों, शिल्पकारों, उद्यमियों और संबंधित संस्थाओं ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने निर्यात प्रक्रिया, लाइसेंस, वित्तीय सहायता, ऋण गारंटी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए उपलब्ध योजनाओं की जानकारी दी। हथकरघा संघ अध्यक्ष भोजराज देवांगन ने स्थानीय कला और संस्कृति से जुड़े उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने बताया कि वर्तमान निर्यात 47 करोड़ रुपये है, जिसे तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है। कोसा रेशम, माटीकला और पारंपरिक डिजाइन को आधुनिक स्वरूप देने पर भी चर्चा हुई।

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