Amrit Today, Raipur Chhattisgarh
भारतीय रेलवे ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ा है। दल्लीराजहरा रावघाट नई रेल लाइन के अंतिम खंड ताड़ोकी रावघाट का निर्माण पूर्ण हुआ। सीआरएस निरीक्षण और गति परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इससे भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क का परिवहन सुगम होगा। क्षेत्र के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार का बेहतर अवसर मिलेगा।
विवरण : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा रावघाट नई रेल लाइन परियोजना में भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परियोजना के अंतिम खंड ताड़ोकी रावघाट का कार्य पूरा हो गया है। यह सत्रह दशमलव पांच किलोमीटर लंबा सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज खंड है। रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा इस खंड का सीआरएस निरीक्षण और गति परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेल लाइन, पुलों, पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग तथा अन्य सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रेल खंड की परिचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया गया। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी रावघाट खंड में रेल परिचालन शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत होगा। यह रेल लाइन भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क के परिवहन को सुगम बनाएगी, जिससे देश के इस्पात उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। यह रेल लाइन कृषि उत्पादों और स्थानीय वाणिज्यिक वस्तुओं के परिवहन में भी सहायक होगी। इससे रायपुर और भिलाई के साथ संपर्क बेहतर होगा तथा नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और व्यापार तक पहुंच में सुधार होगा।




